पंजाब सरकार ने सतर्कता ब्यूरो प्रमुख परमार समेत तीन अधिकारियों को किया निलंबित
यह पहली बार है जब किसी सरकार ने विजिलेंस चीफ के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाया है; विजिलेंस रेंज जालंधर के एसएसपी हरप्रीत सिंह और एआईजी (फ्लाइंग स्क्वायड) स्वर्णदीप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है।
(मदन सिंह कोरोटाने, प्रधान संपादक) चंडीगढ़, 25 अप्रैल 2025,
पंजाब समाचार: पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत सतर्कता ब्यूरो के मुख्य निदेशक सुरिंदर पाल सिंह परमार को निलंबित कर दिया है। विजिलेंस प्रमुख के अलावा राज्य सरकार ने विजिलेंस रेंज जालंधर के एसएसपी हरप्रीत सिंह और एआईजी (फ्लाइंग स्क्वायड) स्वर्णदीप सिंह को भी निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

यह पहली बार है कि किसी सरकार द्वारा सतर्कता प्रमुख के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब सरकार भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को लेकर राज्य में कड़ा संदेश देना चाहती है।
मामला जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए। 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी परमार ने 26 मार्च को ही सतर्कता प्रमुख का पदभार संभाला था। करीब एक महीने बाद ही उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले के सिलसिले में सतर्कता प्रमुख को निलंबित कर दिया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि लाइसेंस घोटाले की कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा था, जिसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि 7 अप्रैल को विजिलेंस ने प्रदेश भर में आरटीए कार्यालयों और ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर छापेमारी की थी।
लाइसेंस घोटाले के संबंध में 16 पुलिस मामले दर्ज किए गए और संबंधित लोगों से 40,900 रुपये भी जब्त किए गए। सूत्रों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में विजिलेंस प्रमुख ने कार्रवाई करने में ढिलाई बरती, जिसके चलते घोटालेबाज भागने में सफल रहे।

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