राष्ट्रपति ने वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दी, नया कानून लागू
(Madan Singh Korotany, Chief Eidter) Jalandhar/New Delhi ) 6 April 2025
वक्फ संशोधन विधेयक: संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक अब कानून बन गया है। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही वक्फ संशोधन विधेयक अब कानून बन गया है, जो पूरे देश में लागू होगा।
संसद के ऊपरी सदन राज्य सभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े। इससे पहले लोकसभा में इसके पक्ष में 288 वोट और विरोध में 232 वोट पड़े थे। दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे असंवैधानिक घोषित किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार से विधेयक वापस लेने की अपील की।
विधेयक के संबंध में सरकार का दावा
इस विधेयक के बारे में सरकार का दावा है कि इससे वक्फ प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा। जो गरीब मुसलमान अपने अधिकारों से वंचित थे, उन्हें उनके अधिकार मिलेंगे। यह देश में मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वक्फ बिल को मिला नाम
राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा संशोधन और अनुमोदन के बाद, विधेयक का नाम अब एकीकृत प्रबंधन सशक्तीकरण दक्षता और विकास (यूएमईईडी) रखा गया है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि महिलाओं को वक्फ संपत्तियों पर समान उत्तराधिकार अधिकार प्राप्त हों, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्य प्रावधान क्या हैं?
वक्फ बोर्ड की संरचना: बोर्ड में इस्लाम की सभी विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व होगा। केंद्रीय वक्फ परिषद में 22 सदस्य होंगे, जिनमें से चार से अधिक गैर-मुस्लिम नहीं होंगे।
वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण: वक्फ बोर्ड की निगरानी करने तथा संपत्तियों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक चैरिटी आयुक्त की नियुक्ति का प्रस्ताव है।
विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों के अधिकारों का संरक्षण: कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता है, लेकिन विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों की संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता।
विवादों के समाधान के लिए न्यायाधिकरण: चूंकि देश भर में 31,000 से अधिक वक्फ से संबंधित मामले लंबित हैं, इसलिए वक्फ न्यायाधिकरणों को मजबूत किया गया है। इसमें अपील का प्रावधान भी जोड़ा गया है, ताकि असंतुष्ट पक्ष सिविल न्यायालय में जा सके।
राष्ट्रीय संपत्ति और स्मारकों का संरक्षण: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संपत्तियों को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता।
यह विधेयक क्यों पेश किया गया?
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने सदन में बताया था कि 2006 में देश में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनसे केवल 163 करोड़ रुपए की आय हुई थी। 2013 के संशोधन के बाद भी इस आय में केवल 3 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। वर्तमान में देश में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, लेकिन इनके प्रबंधन को प्रभावी बनाने की जरूरत है।

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