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डब्बे समोत मिठाई बेचन ‘ते नापतोल विभाग ने लगाई जमाना

डब्बे समोत मिठाई बेचन ‘ते नापतोल विभाग ने लगाई जमाना

(Madan Singh Korotany, Chief Eidter) Jalandhar/फगवाड़ा: अक्सर देखा जाता है कि मीठा खाने का हर कोई शौकन है। उसकी आंखों के सामने ही मिठाई की दुकान के मालिक डिब्बों में मिठाइयां तोलकर ग्राहकों को देते हैं। जबकि कानून के अनुसार यदि किसी ग्राहक ने एक किलोग्राम मिठाई खरीदी है तो डिब्बे का वजन उसमें नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लेकिन कई मिठाई दुकानदार डिब्बे के साथ ही मिठाई का वजन भी करते हैं। सब-डिवीजन फगवाड़ा के ऐसे पांच दुकानदारों की जांच की के दौरान नापतोल विभाग ने जांच के दौरान 35000 रुपये का जुर्माना लगाया गया यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता और प्रमुख आरटीआई कार्यकर्ता गुरमीत सिंह साथी द्वारा दायर की गई शिकायत के दौरान नापतोल विभाग द्वारा दी गई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाजसेवी गुरमीत सिंह साथी ने कहा कि वे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत एम सिंह मान, नापतोल विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम कर आम जनता को ल‌‌ग रहे चूने के संबंध में शिकायतें दर्ज की गईं। जिसके बाद माप-तौल विभाग की ओर से आए जवाब में बताया गया कि सितंबर 2024 से नवंबर 2024 तक फगवाड़ा शहर में 23 मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया।

पांच दुकानदारों का चालान कर 35,000 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। 

उन्होंने कहा कि फगवाड़ा उपमंडल में लगभग 92 गांव तथा 50 वार्ड हैं। जिसमें सैकड़ों मिठाई की दुकानें खुली हैं। जो प्रतिदिन डिब्बों में मिठाइयां बेचकर ग्राहकों को ठग रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद नपतोल विभाग ने सिर्फ फगवाड़ा सब-डिवीजन को ही मंजूरी दी है।

केवल 23 दुकानों का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि नापतोल विभाग सही ढंग से काम करे तो मिठाई की दुकानें डिब्बे सहित मिठाई बेच रही हैं। अगर उनकी जांच नहीं की गई तो आने वाले दिनों में वे माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। ताकि आम जनता की इस लूट को रोका जा सके। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि मिठाई बेचने वाले दुकानदारों द्वारा उनके साथ धोखाधड़ी की जाती है तो आवाज उठाएं ताकि इस लूट को रोका जा सके। जब मैंने इस संबंध में नापतोल विभाग के प्रतिनिधि से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा।