ईरान ने इजराइल के आगे घुटने टेके! युद्ध विराम की अपील; अमेरिका से अपील?
(मदन सिंह कोरोटाने एडिटर-इन-चीफ) जालंधर/डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: इजराइल-ईरान सैन्य संघर्ष बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार रात से ही दोनों देशों की ओर से ड्रोन हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने कहा कि इजराइल द्वारा किए जा रहे हमले में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
कई देशों ने मध्यस्थता की पेशकश भी की है। इस बीच, द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने ओमान और कतर से मध्यस्थता की अपील की है।
ईरान चाहता है कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू हो और इजराइली हमले बंद हों।
इजराइल ने ईरान के गैस क्षेत्र को नष्ट किया
पिछले तीन दिनों में सैन्य संघर्ष में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। इजराइल ने ईरान में दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र पर हमला किया। हमले के बाद उत्पादन स्थल पर आग लग गई। सरकार को गैस उत्पादन रोकना पड़ा। पिछले तीन दिनों के दौरान 138 ईरानी लोग मारे गए हैं। इसके साथ ही इजराइली सेना के ऑपरेशन में 9 वैज्ञानिक भी मारे गए हैं।
इस सैन्य अभियान ने दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक तरफ जहां ज्यादातर इस्लामिक देश ईरान के साथ खड़े हैं, वहीं कई देश इजरायल के साथ खड़े हैं। इजरायल ने ईरान पर हमला क्यों किया? इजरायल ने इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ नाम दिया है। इजरायल और अमेरिका दोनों ही नहीं चाहते कि ईरान किसी भी हालत में अपने परमाणु कार्यक्रम में सफल हो। इजरायल ने दावा किया है कि अगर ईरान परमाणु बम बनाने में सफल हो जाता है तो यह इजरायल के लिए खतरा साबित होगा। इजरायल का कहना है कि ईरान अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल इजरायल का अस्तित्व मिटाने के लिए कर सकता है।

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