समझौता होने पर FIR रद्द नहीं होगी, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
( मदन सिंह कोरोटाने, ग्लोबल अवेयरनेस न्यूज़ ) ब्यूरो, चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने यमुनानगर में हुए एक सड़क हादसे के आरोपी अनमोल की FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस सुमित गोयल ने अपने निर्देश में साफ किया कि किसी पर्सनल समझौते के आधार पर क्रिमिनल केस बंद नहीं किया जा सकता, जिसमें किसी व्यक्ति की मौत लापरवाही से गाड़ी चलाने से हुई हो।
अनमोल पर आरोप है कि 3 सितंबर को उसकी बाइक की टक्कर एक दूसरी मोटरसाइकिल से हो गई थी, जिसमें पीछे बैठे मजदूर राशिद की मौत हो गई थी। जठलाना थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, राशिद अपने भतीजे असद के साथ बाइक चला रहा था। अनमोल ने दलील दी थी कि 14 नवंबर को शिकायत करने वाले परिवार के साथ समझौता हो गया था। इस पर कोर्ट ने कहा कि मौत के मामलों में असली शिकार मृतक होता है, जो किसी भी समझौते के लिए राजी होने की स्थिति में नहीं होता। अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द होने लगीं, तो इससे यह मैसेज जाएगा कि गंभीर अपराधों को पैसे या दबाव देकर बेचा जा सकता है।

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