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माननीय अदालत,जे एम आई सी जालंधर ने-चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी कर दिया

चेक बाउंस मामले में आरोपी बरीमाननीय अदालत,जे एम आई सी जालंधर ने-चेक बाउंस मामले में आरोपी को बरी कर दिया

( KOROTANY ) Jalandhar: आज माननीय अदालत श्रीमती रेणुका कालड़ा जे एम आई सी जालंधर ने चेक बाउंस मामले में आरोपी महिला सुदेश कुमारी को बा-इज्जत बड़ी कर दिया। गुरदासपुर के रहने वाले हरदयाल सिंह पुत्र धर्म सिंह ने आरोपी महिला पर यह आरोप लगाया था कि उसने और उसके बेटे ने शिकायतकर्ता के बेटे को विदेश भेजने के एवज में 15 लाख रुपए लिए लेकिन उस के बेटे को विदेश नहीं भेजा। इसी कारण उसने 15 लाख वापसी करने के लिए शिकायतकर्ता को 15 लाख रुपए का चेक जारी किया जो की बैंक से बाउंस हो गया। आरोपी की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट रवीश मल्होत्रा ने जब शिकायतकर्ता पर जिरह की तो उस ज़िरह में शिकायतकर्ता अपनी शिकायत को साबित नहीं कर सका तथा पैसों के लेनदेन के संबंध में कोई भी सबूत पेश नहीं कर सका। यहां तक कि उसको यह भी याद नहीं रहा कि उसने किस-किस तारीख को आरोपी को नकद पैसे दिए थे। शिकायतकर्ता ने अपनी कंप्लेंट में और भेजे गए लीगल नोटिस में चेक के वापस होने संबंधी मीमो की कोई भी तारीख नहीं डाली थी और उसने कोर्ट में अपनी जिरह में यह माना था कि उसने आरोपी को चेक बाउंस होने के 42 दिन बाद लीगल नोटिस जारी किया था । आज माननीय अदालत ने एडवोकेट रवीश मल्होत्रा की दलीलों से सहमति जताते हुए आरोपी सुदेश कुमारी को बा -इजात बरी किया ।एडवोकेट रवीश मल्होत्रा ने कोर्ट में पूरी तरह साबित कर दिया कि शिकायतकर्ता द्वारा दायर की गई कंप्लेंट अंडर सेक्शन 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत नहीं बनती तथा यह शिकायत पूरी तरह से पूरी तरह से गलत है। अदालत ने भी डिफेंस काउंसिल की दलीलों के साथ जाते हुए अपना फैसला आरोपी पक्ष की तरफ सुनाया।