पेट्रोल-डीज़ल, LPG गैस सिलेंडर पर नया अपडेट, मोदी सरकार के 10 मंत्रियों ने बताया क्या प्लान है
( KOROTANY ) जालंधर/नई दिल्ली: पेट्रोल, डीज़ल और LPG सिलेंडर को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर है। मोदी सरकार के दस मंत्रियों ने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। लंबी चर्चा हुई। देश में ज़रूरी चीज़ों की कहाँ कमी है और कितनी ज़रूरत है, सप्लाई चेन का एक-एक करके रिव्यू किया गया।
मंत्रालयों से इनपुट लिए गए। इसके बाद ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स ने डिटेल में जानकारी शेयर की।
सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या पेट्रोल और डीज़ल की सप्लाई पर कोई असर पड़ेगा। सरकार ने साफ़ कहा, “नहीं।” देश में अभी कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने इशारा किया कि सप्लाई काफ़ी है और घबराने की ज़रूरत नहीं है। फिर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में सभी ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई अभी नॉर्मल है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल, डीज़ल और LPG न खरीदने की अपील की। सरकार सभी ज़रूरी चीज़ों की अवेलेबिलिटी पक्का करने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है।
LPG सिलेंडर पर राहत अपडेट
LPG सिलेंडर को लेकर भी स्थिति साफ़ की गई। सरकार ने कहा कि घरेलू ज़रूरतों के लिए गैस की सप्लाई नॉर्मल है। लोगों से अपील की गई कि वे घबराएं नहीं और अफ़वाहों के आधार पर फ्यूल सिलेंडर न खरीदें। सिस्टम में काफ़ी स्टॉक है और सप्लाई लाइन मज़बूत है।
घबराएं नहीं, सब कुछ कंट्रोल में है
मीटिंग के बाद सरकार का मुख्य मैसेज यही था कि घबराने की ज़रूरत नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि देश में ज़रूरी चीज़ों की उपलब्धता पर लगातार नज़र रखी जा रही है और सप्लाई चेन को मज़बूत बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं। भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी 258.1 MTPA है, जबकि घरेलू खपत लगभग 243.2 मिलियन टन रही है। इसका मतलब है कि प्रोडक्शन कैपेसिटी खपत से ज़्यादा है। इसलिए, सरकार ने साफ़ किया कि पेट्रोल और डीज़ल के लिए कोई सप्लाई गैप नहीं है। OMCs ने इंटरनेशनल कीमतों का पूरा बोझ रिटेलर्स पर नहीं डाला है और मार्केट में स्थिरता बनाए रखने के लिए रोज़ाना लगभग ₹550 करोड़ खर्च कर रही हैं।
फर्टिलाइज़र की स्थिति भी मज़बूत, 51% से ज़्यादा स्टॉक तैयार
सरकार ने सिर्फ़ फ्यूल ही नहीं, बल्कि फर्टिलाइज़र सप्लाई पर भी अपडेट दिया। उसने कहा कि रबी और खरीफ सीज़न के लिए काफ़ी स्टॉक है। अधिकारियों ने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और खेती के इनपुट पर लगातार नज़र रखी जा रही है। सरकार ने कहा कि खरीफ 2026 के लिए फर्टिलाइज़र की ज़रूरत का अनुमान 390.54 LMT लगाया गया है, जबकि अभी लगभग 200.47 LMT, या 51% से ज़्यादा, उपलब्ध है। यह सामान्य से बेहतर स्थिति दिखाता है। इससे पहले, लगभग 33% का सरप्लस बना हुआ था। सरकार ने कहा कि किसानों को किसी भी कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ब्लैक मार्केटिंग पर कार्रवाई, सिस्टम पूरी तरह चालू
सरकार ने यह भी माना कि कुछ इलाकों में ब्लैक मार्केटिंग और इंडस्ट्रियल यूज़र्स द्वारा रिटेल फ्यूल खरीद जैसी गड़बड़ियों की खबरें आई हैं। ऐसे मामलों में सख्ती बढ़ा दी गई है। साफ संदेश यह है कि सिस्टम में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और सभी लेवल पर मॉनिटरिंग जारी रहेगी। MSME सेक्टर को राहत देने और वर्किंग कैपिटल का दबाव कम करने के लिए ECLGS 5.0 की भी तारीफ की गई।

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