16वीं जनगणना, विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद की तारीख घोषित, जाति के साथ जनगणना अक्टूबर 2026 से, 1 साल में अंतरिम आंकड़े
( मदन सिंह कोरोटाने ) जालंधर/नई दिल्ली: ने देश में 16 साल बाद हो रही जनगणना की तारीख केंद्र सरकार ने घोषित कर दी है। जाति की गणना के साथ जनगणना दो चरणों में होगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख, जम्मू-कश्मीर जैसे बर्फीले क्षेत्रों में यह 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। देश के अन्य हिस्सों में यह 1 मार्च 2027 में शुरू होगी।
गृह मंत्रालय ने बताया कि जनगणना की अधिसूचना 16 जून 2025 को राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जून 2026 में प्रशासकीय सीमाएं सील करने की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके तीन महीने बाद यानी अक्टूबर 2026 में जनगणना शुरू हो जाएगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद होगी। अनुमान है कि 1 अप्रैल 2027 से 45 दिन तक हाउस लिस्टिंग की जाएगी। इस काम में 30 लाख से अधिक गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना है। पूरी जनगणना प्रक्रिया पर 13,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने की संभावना है।
बता दें कि जाति जनगणना के लिए जनगणना अधिनियम 1948 में संशोधन की जरूरत होगी। इन विधायी जरूरतों को पूरा करने के लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जा सकता है।
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने की प्रक्रिया जनगणना के साथ की जाएगी या नहीं।
सरकार 2020 में जनगणना के साथ ही इसे करने की योजना बना रही थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
इस कवायद में कितना समय लगेगा? करीब तीन साल। अंतिम आंकड़े 2030 के करीब प्रकाशित किए जाएंगे। यानी लोकसभा चुनाव 2029 के बाद।
घर-घर गिनती कब होगी?
घर-घर जाकर गिनती का काम 9 फरवरी से 28 फरवरी 2028 तक 21 दिन चलेगा। 1 मार्च से 5 मार्च तक रिवीजन राउंड होगा। एक दिन बेघर आबादी को समर्पित रहेगा। यह काम 28 फरवरी 2028 को पूरा होने की संभावना है। दायरे में कितने जिले-तहसील हैं? 700 से अधिक जिलों के 8 हजार शहरों और 600 तहसीलों में यह प्रशासनिक कवायद होगी। अंतरिम आंकड़े कब तक मिलेंगे? जनगणना के प्रोविजनल (अंतरिम) आंकड़े मार्च 2028 में मिल सकते हैं। इसके बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन शुरू किया जा सकेगा।
इसके आधार पर महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने की विधायी जरूरत को पूरा करने का रास्ता साफ होगा।
हाउस लिस्टिंग के सवाल कैसे होंगे? घर पक्का या कच्चा है? दीवार का मैटेरियल
क्या है? छत और फर्श किससे बना है? घर में कितने कमरे हैं? कितने विवाहित जोड़े हैं? पानी का स्रोत क्या है? घर में शौचालय है? खाना पकाने का साधन क्या है? घर में रेडियो, टीवी, वाईफाई, इंटरनेट,
मोबाइल फोन, साइकिल, स्कूटर, कार है? जनगणना संबंधी सवाल क्या होंगे? कितने पढ़े-लिखे हो? क्या काम करते हो? जन्म कहां हुआ ? मातृभाषा क्या है? देश में कितनी जनगणना हो चुकी हैं? इस बार 16वीं जनगणना होगी। आजाद भारत में पहली जनगणना 1951 में हुई थी।

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