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हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन! मुफ्त सेवा खत्म…5 जून से अस्पताल में पर्ची बनाने के लगेंगे पैसे, सुक्खू सरकार ने जारी किए आदेश।       

हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन! मुफ्त सेवा खत्म…5 जून से अस्पताल में पर्ची बनाने के लगेंगे पैसे, सुक्खू सरकार ने जारी किए आदेश।

( मदन सिंह कोरोटाने ) जालंधर / हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट :हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी पर्ची पर ₹10 शुल्क लगाने का निर्णय लिया है,

जो 5 जून से लागू होगा.

14 श्रेणियों के लोगों को इस शुल्क से छूट दी गई है.                                    सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पर्ची के लिए ₹10 शुल्क लगेगा.
14 श्रेणियों के लोगों को शुल्क से छूट दी गई है.
फैसला 5 जून से लागू होगा, टेस्ट भी मुफ्त नहीं होंगे.                                      शिमला. हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. व्यवस्था परिवर्तन करते हुए सरकार ने प्रदेशभर के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी पर्ची पर शुल्क लगाने का निर्णय लिया है. अब 5 जून से मरीजों को रजिस्ट्रेशन पर्ची के लिए ₹10 शुल्क देना होगा. स्वास्थ्य विभाग के सचिव की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.

इसके साथ ही अस्पतालों में कराए जाने वाले 133 विभिन्न टेस्ट भी अब मुफ्त नहीं होंगे. सरकार ने जांचों के लिए भी निर्धारित शुल्क लागू करने का फैसला किया है. हालांकि सरकार ने सामाजिक और स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए कुल 14 श्रेणियों के लोगों को इस शुल्क से छूट देने का प्रावधान किया है.

इन छूट पाने वालों में गंभीर बीमारियों से पीड़ित कैंसर व किडनी मरीज, गर्भवती महिलाएं, 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग, टीबी मरीज, दिव्यांग, मानसिक रोगी, जेल बंदी, एनआरएचएम के लाभार्थी, निशुल्क दवा योजना के अंतर्गत आने वाले मरीज, आपदा पीड़ित, एचआईवी पॉजिटिव रोगी, बाल सुधार गृह के बच्चे, वृद्धाश्रम व अनाथालय में रहने वाले लोग शामिल हैं. सुक्खू सरकार का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और संसाधनों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से उठाया गया है. तीन जून को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं.

आदेश में क्या लिखा

स्वास्थ्य सचिव की तरफ से जारी आदेशों में लिखा गया है कि कैबिनेट-उप समिति की सिफारिशों के आधार यह निर्णय लिया गया है कि रोगी कल्याण समितियों की ओर से दी जा रही सेवाओं जैसे कि स्वच्छता, साफ-सफाई, अवसंरचना और उपकरणों का रखरखाव आदि को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए अब यूज़र चार्ज वसूलने की अनुमति दे दी गई है. इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया है कि अस्पताल में पंजीकरण के समय सभी मरीजों से ₹10/- परामर्श शुल्क लिया जाएगा

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पहले पर्ची बनाने के पैसे नहीं लगते थे और मुफ्त में रजिस्ट्रेशन होता था. लेकिन प्रदेश में गंभीर आर्थिक संकट है और ऐसे में सुक्खू सरकार कई मुफ्त सेवाओं में कटौती कर रही है. बीते समय में स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने इस मुद्दे पर तर्क दिया था कि लोग पर्ची संभाल कर नहीं रखते हैं और ऐसे में सरकार अब शुल्क लेगी.