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पंजाब कैबिनेट बैठक: अब 21 मीटर तक ऊँची इमारतें बनाई जा सकेंगी, पढ़ें कैबिनेट के फैसले

पंजाब कैबिनेट बैठक: अब 21 मीटर तक ऊँची इमारतें बनाई जा सकेंगी, पढ़ें कैबिनेट के फैसले

( KOROTANY ) चंडीगढ़: पंजाब में अब 21 मीटर तक ऊँची इमारतें बनाई जा सकेंगी। इसके लिए आर्किटेक्ट खुद नक्शा बना सकेंगे और थर्ड पार्टी के तौर पर मंज़ूरी दे सकेंगे। इसलिए, मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास पर हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में ‘पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स-2025’ (पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स, 2025) को मंज़ूरी दे दी गई।

इसके अलावा, कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को भी हरी झंडी दी है।

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि कैबिनेट द्वारा मंजूर ‘पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स-2025’ के तहत अब इमारतों की अनुमेय ऊँचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। इसके साथ ही, परियोजना की मंज़ूरी और पूर्णता के लिए तृतीय-पक्ष स्व-प्रमाणन की शर्तें भी तय की गई हैं। इसके तहत आर्किटेक्ट खुद नक्शा तैयार कर उसे मंज़ूरी दे सकेंगे। इस अधिनियम का उद्देश्य भवन के लिए अतिरिक्त ग्राउंड कवरेज, एफएआर अनुमति, पार्किंग, सेटबैक और खुली जगह के नियमों में ढील देना है। इसके तहत, सिंगल यूनिफाइड फ्रेमवर्क आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए किफायती और किराये के मकानों के विस्तार, बहुमंजिला पार्किंग, बालकनी, बेसमेंट के इस्तेमाल, कार पार्किंग, लिफ्ट की अनुमति देता है। ये नियम आवास एवं शहरी विकास विभाग और स्थानीय निकाय विभाग पर समान रूप से लागू होंगे।

स्टाम्प अधिनियम और पंजीकरण शुल्क नियमों में संशोधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 (पंजाब) और पंजीकरण शुल्क नियमों में संशोधन करके बंधक और बंधक दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क को युक्तिसंगत बनाने को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से व्यापारियों को अत्यधिक लाभ होगा।

नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों के नियम कड़े होंगे

मंत्रिमंडल ने पंजाब पदार्थ उपयोग विकार उपचार और परामर्श एवं पुनर्वास नियम-2025 को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत, पंजाब भर में नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों के नियमों को और कड़ा किया जाएगा। 36 सरकारी और 177 लाइसेंस प्राप्त निजी नशा मुक्ति केंद्रों के साथ-साथ ओएटी क्लीनिकों को विनियमित किया जाएगा। इस कदम से लाइसेंसिंग, नवीनीकरण और निरीक्षण प्रक्रियाओं, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अनिवार्य ऑनलाइन डेटा रिपोर्टिंग, गैर-अनुपालन या छोटी-मोटी कमियों के लिए दंड प्रावधानों, बेहतर बुनियादी ढांचे, स्टाफिंग और रिकॉर्ड-कीपिंग मानकों और ब्यूप्रेनॉर्फिन-नालोक्सोन के सुरक्षित और पारदर्शी वितरण को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

खेल विभाग में 100 से ज़्यादा पदों पर नियुक्ति को मंज़ूरी

कैबिनेट ने पंजाब खेल चिकित्सा संवर्ग में ग्रुप-ए के 14, ग्रुप-बी के 16 और ग्रुप-सी के 80 पदों पर नियुक्ति को भी मंज़ूरी दे दी है। इस फ़ैसले से खिलाड़ियों को चोट लगने की स्थिति में जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने, उनके खेल प्रदर्शन में सुधार लाने और वैज्ञानिक तरीकों से राष्ट्रीय मानकों के अनुसार खेलों के विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इन पेशेवरों को पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फ़रीदकोट, फ़ाज़िल्का, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, एसएएस नगर, रोपड़ और होशियारपुर जैसे प्रमुख खेल ज़िलों में तैनात किया जाएगा।

डेरा बस्सी में बनेगा 100 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल

कैबिनेट ने डेरा बस्सी में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की स्थापना के लिए चार एकड़ ज़मीन के पट्टे को भी मंज़ूरी दे दी है। डेरा बस्सी और आसपास के इलाकों में स्थित कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिए, मंत्रिमंडल ने डेरा बस्सी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के कर्मचारियों को लुधियाना, मोहाली और चंडीगढ़ स्थित ईएसआई सुविधाओं पर निर्भर बनाने का निर्णय लिया है। इस कदम से मौजूदा ईएसआई अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होगा और पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

लुधियाना में उप-तहसील के गठन को हरी झंडी

मंत्रिमंडल ने लुधियाना में एक नई उप-तहसील (लुधियाना उत्तर) के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से शहर से सटे तेज़ी से बढ़ते गाँवों को पंजीकरण और स्थानांतरण प्रक्रिया में तेज़ी लाने में काफ़ी सुविधा होगी। इससे लुधियाना की उत्तर और पश्चिम तहसीलों के बीच का बोझ कम होगा। उप-तहसील में चार पटवार सर्कल, एक विधानसभा और लगभग आधा दर्जन गाँव शामिल होंगे।

बरनाला नगर परिषद को नगर निगम में अपग्रेड किया जाएगा

मंत्रिमंडल ने बरनाला नगर परिषद को नगर निगम में अपग्रेड करने को भी हरी झंडी दे दी है, जिससे इस तेज़ी से बढ़ते शहर में नियोजित शहरी विकास, नागरिक बुनियादी ढाँचे में सुधार और कुशल प्रशासन को और बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से शहरी प्रशासन में सुधार होगा और बुनियादी ढाँचे को मज़बूती मिलेगी, साथ ही नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और नागरिक-अनुकूल सेवाओं में वृद्धि होगी।